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बुधवार, 30 मार्च 2022

गुफ्तगू

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  गुफ्तगू (फोटो-हेमन्त कुमार) चलो आज हम कुछ गुफ्तगूं कर लें कुछ अपनी कहें तुम्हारी भी सुन लें। वो भोला सा बचपन निश्छल सी बातें चलो वक़्त...
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गुरुवार, 11 मार्च 2021

अनवरत चलती रही उनकी लेखनी(आत्मीय संस्मरण)

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  (आज 11 मार्च को मेरे श्वसुर हिंदी के प्रतिष्ठित कहानीकार एवं बाल साहित्यकार श्रद्ध्येय श्री प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी का जन्म दिवस है।इस अ...
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शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

मुस्कान मत छीनिए

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  (आज 31 जुलाई को मेरे बाबू जी प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार आदरणीय प्रेमस्वरूप श्रीवास्तव जी की पुण्य तिथि है।2016 की 31 जुलाई को ही 87 वर्ष...
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पूनम श्रीवास्तव
एक सामान्य गृहणी।देश ,समाज,परिवार, प्रकृति को देखकर अपने अंदर महसूस करके मन में होने वाले मंथन को अक्सर कागज पर कुछ शब्दों का आकार देने की कोशिश करती हूं…।इन्हीं कोशिशों में कभी कविता,कभी गजल तो कभी गीत बन जाते हैं। कुछ कवितायें एवं गीत देश की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं,समाचार पत्रों में भी प्रकाशित।2008 से इन्टरनेट पर अपना ब्लाग झरोखा शुरू किया।तभी से साहित्य सृजन में लगातार सक्रिय। कुछ बाल गीत एवम बाल कहानियां पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित।अब तक तीन पुस्तकें प्रकाशित--“रंग बिरंगी दुनिया”(बाल साहित्य),“चिट्ठी आई”, “अपना धन”,(नवसाक्षरों के लिये)। दो किताबें प्रकाशनाधीन---“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते”, “पानी पानी कितना पानी”। email: ladali1502@gmail.com
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