ऊधो जाय कहिये सब हाल
राधे संग सखियन बेहाल
जानत रह्यो जब जावन तुमको
काहे बढ़ायो मोह को जाल।
नजरें इत-उत डोलत हैं
मन कान्हा-कान्हा बोलत है
थकि गये हम टेरत- टेरत
नैना बाट जोहत हैं।
बचपन मां हम संग संग बाढ़े
मिल के रास रचायो खूब
बालपन में गोपियन संग
तूने नटखटपन दिखलायो खूब।
सुनने को तान मुरलिया की
तरसे बरसों हमरे कान
अब भी आके सुर बिखराओ
हे नटवर नागर हे घनश्याम।
होठों पे तेरे सजे बंसुरिया
अब मोहे तनिक भी भावे ना
वो तो पहिले की ही बैरन
अब तो सौतन सी लागे ना।
पर राधा तो तिहारी दिवानी
जो तुझको वो हमको भावे
जिया ना लागे मेरा तुझ बिन
तनिक भी पल कोई रास न आवे।
यादों में तुम हमरे बसे
जिया में हूक उठत है श्याम
तुम सारे जग के पियारे
पर मनवा हमरे बस तिहारो नाम।
बड़ी देर भई तेरी राह निहारे
अब भी दया दिखावत नाहीं
हमरी नगरिया कब अइहौ
बतला दो अब भी निर्मोही कन्हाई।
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पूनम श्रीवास्तव
बहुत ही सुंदर रचना,,,पूनम जी,बधाई...
जवाब देंहटाएंRECENT POST : पाँच( दोहे )
प्रथमतः जन्म अष्टमी को हार्दिक बधाई आपके पोस्ट पर बहुत दिन बाद आ रहा हु अच्छा लग रहा है आज आपकी रचना समसामयिक बहुत सुन्दर है बहुत-बहुत धन्यवाद-------.
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
जवाब देंहटाएं--
सभी पाठकों को चर्चा मंच परिवार की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि का लिंक आज बुधवार (28-08-2013) को रूपया छा-सठ में फँसा, उन-सठ से हैरान: चर्चा मंच 3051 में "मयंक का कोना" पर भी है!
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
जय श्री कृष्ण मुरारी..
जवाब देंहटाएंश्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें,सादर!!
जवाब देंहटाएंsundar rachna...
जवाब देंहटाएंjanmastami ki badhai w shubhkamnayen..
Radhe radhe...bahut sundar likha hai bahan....dheron shubhkamnayen.
जवाब देंहटाएंKeshav Rajvanshi
बहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति.हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!
जवाब देंहटाएंकभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
http://saxenamadanmohan.blogspot.in/
http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/
कृष्ण के प्रेम भाव में रची ... मन भावन ... सुन्दर रचना ...
जवाब देंहटाएंकृष्ण प्रेम में व्याकुल राधा और गोपियों का ऊधो को और कान्हा को उलाहना बडा ही प्यारा है।
जवाब देंहटाएंपूनम जी
जवाब देंहटाएंभक्ति पूर्ण भगवन की भजन जैसे कबिता हेतु बहुत-बहुत बधाई
आप बहुत सुन्दर कबिता लिखती हैं कभ-कभी मुझे आपसे इर्षा होती है बहुत-बहुत धन्यवाद .