बुधवार, 21 मार्च 2012

गज़ल


ज़मीं पे सितारे बहुत से दोस्तों

मगर कोई कोई ही बनता आफ़ताब दोस्तों।

सवालों से जूझते हैं बहुत ही मगर

हर सवाल का मिलता नहीं जवाब दोस्तों।

मयखाने में मिलती है मय ही मगर

हर महफ़िल में आता नहीं शबाब दोस्तों।

दिल का लगाना यूं तो आसान काम है

निभाने को हर कोई नहीं बेताब दोस्तों।

मुहब्बतों का सिलसिला तो चलता ही रहेगा

गिनती करूं कितनी है बेहिसाब दोस्तों।

तारीफ़ होती है उसी की जो आता है नज़र

नज़रों से हट के देखे वो है लाजवाब दोस्तों।

पुराने दोस्तों का अब भी होता है जिकर

आंखों से बहते अश्कों के सैलाब दोस्तों।

चाहती हूं बस तबस्सुम सभी के लबों पर

दोस्तों की दोस्ती को आदाब दोस्तों।

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पूनम

25 टिप्‍पणियां:

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

क्या बात है
बहुत सुंदर

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मित्रों के प्रति स्नेह सदा बना रहे बस।

दीर्घतमा ने कहा…

दोस्तों की दोस्ती को आदाब दोस्तों. बहुत सुन्दर गीत रचना , इधर मई आपको पढ़ नहीं पाया आज देखा तो बहुत अच्छ लगा. बहुत -बहुत धन्यवाद.

शिखा कौशिक ने कहा…

aapko bhi hamara salam .
aabhar ye hai mission london olympic-support this ...like this page

Vaanbhatt ने कहा…

खूबसूरत रचना...

mridula pradhan ने कहा…

bahut achcha likhi hain.....

Pallavi ने कहा…

वाह क्या बात है बहुत खूब लिखा है आपने बहुत ही सुंदर भाव संयोजन दोस्तों की दोस्ती सदा बनी रहे। शुभकामनायें कभी समय मिले तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है।
http://mhare-anubhav.blogspot.co.uk/

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत सुंदर ग़ज़ल...

amrendra "amar" ने कहा…

वाह बहुत खूब

dheerendra ने कहा…

बहुत सुंदर रचना,......

my resent post


काव्यान्जलि ...: अभिनन्दन पत्र............ ५० वीं पोस्ट.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

चाहती हूं बस तबस्सुम सभी के लबों पर
दोस्तों की दोस्ती को आदाब दोस्तों ...

बहुत सुन्दर शेर है ... हर किसी के लब पे तबस्सुम हो खुशगवार हो जायगा समा ...

Rajesh Kumari ने कहा…

vaah vaah ..poonam ki hai ye ghazal laajabaab doston

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत खूब

ashish ने कहा…

ज़मीं पे सितारे बहुत से दोस्तों
मगर कोई कोई ही बनता आफ़ताब दोस्तों

एकदम दुरुस्त फ़रमाया आपने. सुँदर ग़ज़ल

panchi123 ने कहा…

wah..bahut sundar

G.N.SHAW ने कहा…

पूनम जी सच्ची दोस्ती समय की कसौटी पर उतरता है !

Mamta Bajpai ने कहा…

तारीफ़ होती है उसी की जो आता है नज़र

नज़रों से हट के देखे वो है लाजवाब दोस्तों।
बहुत बढिया है

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

तारीफ़ होती है उसी की जो आता है नज़र

नज़रों से हट के देखे वो है लाजवाब दोस्तों।

बहुत खूबसूरत गजल

रचना दीक्षित ने कहा…

मित्रों का स्नेह सदा ही आवश्यक है. सुंदर गीत के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

Madhuresh ने कहा…

Bahut achha laga aapke blog pe ana!
Saadar

S.N SHUKLA ने कहा…

बहुत सुन्दर , सार्थक सृजन.

Kavita Rawat ने कहा…

bahut badiya andaje bayan...
sundar prastuti

Surendra shukla" Bhramar"5 ने कहा…

तारीफ़ होती है उसी की जो आता है नज़र

नज़रों से हट के देखे वो है लाजवाब दोस्तों।


पुराने दोस्तों का अब भी होता है जिकर

आंखों से बहते अश्कों के सैलाब दोस्तों।
पूनम जी सुन्दर और सार्थक शब्दों से प्यारा सृजन ...
भ्रमर ५

expression ने कहा…

वाह जी वाह................

बहुत सुंदर...............

अनु

सोनरूपा विशाल ने कहा…

लाजवाब ...........