शनिवार, 13 मई 2017

माँ तुझे प्रणाम




माँ तुझे प्रणाम
शत शत नमन कोटि प्रणाम
माँ तुझे प्रणाम ।

जब मैं  तेरी कोख में आई
तूने स्पर्श से बताया था
ममता का कोई मोल नहीं
तूने ही सिखलाया था ।
माँ तुझे प्रणाम ।

थाम के मेरी उंगली तूने
इस दुनिया से मिलवाया था
सूरज चाँद और धरती तारे
सबके गीत सुनाया था 
माँ तुझे प्रणाम ।

कदम लडखडाये जो मेरे
तूने भी कदम बढाया था
सही गलत की राह भी
तो तूने ही सिखलाया था ।
माँ तुझे प्रणाम ।

ज्यों ज्यों ही बढ़े चले हम
ऊंच नीच की आई समझ
हम सबसे पहले हैं इंसान
तूने हो समझाया था ।
माँ तुझे प्रणाम ।

कभी किसी भी पल में यदि
कोई मुसीबत हम पे आई
अडिग बन चट्टान सी तूने
हर मुश्किल से लड़ना सिखलाया।
माँ तुझे प्रणाम ।

अर्पण है माँ तुझको हरदम
श्रद्धा के शब्द अबोल ये माँ
ममता त्याग धैर्य समर्पण
माँ तुझसे ही सब पाया है।
माँ तुझे प्रणाम ।

सारी दुनिया तुझमें  समाई
सच में तेरा मोल नहीं
तू सबसे अनमोल है माँ  
माँ तुझे प्रणाम ।
००००
पूनम श्रीवास्तव





12 टिप्‍पणियां:

Digvijay Agrawal ने कहा…

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 15 मई 2017 को लिंक की गई है.................. http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Himkar Shyam ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति

Purushottam kumar Sinha ने कहा…

माँ तुझे प्रणाम
शत शत नमन कोटि प्रणाम
माँ तुझे प्रणाम ।

Dhruv Singh ने कहा…

सारी दुनिया तुझमें समाई
सच में तेरा मोल नहीं
तू सबसे अनमोल है माँ
माँ तुझे प्रणाम ।
बहुत सुंदर !

Malti Mishra ने कहा…

बहुत सुंदर भावात्मक प्रस्तुति

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

सचमुच व्यक्ति संस्कारों के मूल में माँ का ही प्रतिदान समाया है .

Kavita Rawat ने कहा…

माँ का साथ होता है जब तब हर मुश्किल काम आसानी से हो जाता है
बहुत सुन्दर

Rakesh Kumar ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति,
सादर प्रणाम.

Satish Saxena ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगिंग में आपका लेखन अपने चिन्ह छोड़ने में कामयाब है , आप लिख रही हैं क्योंकि आपके पास भावनाएं और मजबूत अभिव्यक्ति है , इस आत्म अभिव्यक्ति से जो संतुष्टि मिलेगी वह सैकड़ों तालियों से अधिक होगी !
मानती हैं न ?
मंगलकामनाएं आपको !
#हिन्दी_ब्लॉगिंग

सूबेदार जी पटना ने कहा…

बहुत सन्दर्भ कबिता उन्नत भाव---/

krishn singh chandel ने कहा…

मेरे बारे में , कालम में आप ने जो कुछ लिखा एक रचनाकार ही लिख सकता है । आप की कुछ रचनायें हमने पढी बहुत अच्‍छी दिल को छू लेने वाली है मै स्‍वंय एक लेखक हूं हिन्‍दी साहित्‍य के अतरिक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य पत्र पत्रिकाओं में लिखता रहता हूं । मेरी कुछ पुस्‍तके भी प्रकाशित है ।

GST Course ने कहा…

Very informative, keep posting such good articles, it really helps to know about things.