गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

भोले बाबा के नाम


आप सभी को महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें।

भोले बाबा के नाम

भंग का रंग जो चढ़ा भोले को तो इधर उधर फ़िर डोले

फ़िर सोचे जरा रंग जमा लें डम डम बजा के डमरू बोलें।

आओ उमा तुम भी आ जाओ थोड़ी सी भंग चढ़ा लें

फ़िर देखो क्या होगा तमाशा बम बम बोले बाबा भोले।

उमा ने साथ दिया पति का सोचा कैसे इंकार करें

बाबा पल में गुस्सा पल में भोले, कब तीसरा नयन भी खोलें।

डम डम फ़िर जो डमरू बजा हो गये बाबा जोशीले

ताल में ताल मिला डमरू के नाचते बीच में थोड़ी भंग भी पीलें।

सुनी आवाज जो डमरू की हुये कान खड़े सभी देवों के

लगा सभी को क्या हुआ अचानक थर थर मन सबका डोले।

दौड़े आये ब्रह्मा विष्णु संग में देवता इन्द्र भी

सात रथों पे होके सवार सूर्य देव भी दौड़ चले।

कुछ तो बात है गड़बड़ जी आपस में सभी फ़ुस फ़ुस बोले

हिम्मत नहीं थी किसी की इतनी जो शिव के रंग में भंग डाले।

सभी देवों पर जब पड़ी नजर थोड़ा नशा उतर आया भले

पूछा भोले नाथ ने फ़िर क्या बात कोई कुछ ना बोले ।

समझ गई सब गणपति की मां देख के देवों की नजरें

खिल खिला कर हंसीं जोर से कुहनी मारी शिव को हौले।

फ़िर समझ गये शंकर जी भी पास जा भोले पन से बोले

आज जो मेरे मन में आया सोचा वो ही कर डालें।

एक साथ फ़िर देव सभी बोले आज की रात फ़िर आपके नाम

भंग की मस्ती में शिव भी जाके सबके गले मिले।

विष्णु बोले आज का दिन शिव रात्रि कहलायेगा

बेर धतूरा बेल पत्र, मस्तक चंदन और गले में शेष नाग झूलें।

खुश हो गये फ़िर सभी देवता हर हर महादेव का नारा लगा

फ़िर सबने चढ़ाई भंग और अपने अपने रस्ते को चले।

0000000

पूनम

22 टिप्‍पणियां:

RaniVishal ने कहा…

वाह पूनमजी क्या बात है....आपने तो यही से कैलाश ना नज़ारा दिखा दिया!!
महाशिवरात्री की शुभकामनाए!!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

RaniVishal ने कहा…

वैसे महाशिवरत्री का दिन महादेव से महाश्क्ति के विवाह का दिन है ...!!

Apanatva ने कहा…

mahashiratree kee shubhkamnae...........................
halkee pulkee pyaree rachana..............

Udan Tashtari ने कहा…

महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ!

मनोज कुमार ने कहा…

जय-जय शिव शंकर!

sangeeta swarup ने कहा…

महाशिव रात्रि की शुभकामनायें

सुन्दर रचना..

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत सुन्दर पोस्ट है।महाशिव रात्रि की शुभकामनायें

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

सुंदर वर्णन!
--
"महाशिवरात्रि पर आपके लिए हार्दिक शुभकामनाएँ!"
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कह रहीं बालियाँ गेहूँ की - "मेरे लिए,
नवसुर में कोयल गाता है - मीठा-मीठा-मीठा!"
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संपादक : सरस पायस

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

समझ गई सब गणपति की मां देख के देवों की नजरें

खिल खिला कर हंसीं जोर से कुहनी मारी शिव को हौले।


bahut acchhi baat...hansi aayi thodi ...
mahashivratri ki shubhkaamnaye.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक शुभकामना...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

शंकर जी की आई याद,
बम भोले के गूँजे नाद,
बोलो हर-हर, बम-बम..!
बोलो हर-हर, बम-बम..!!

सुन्दर रचना..
महा-शिवरात्रि की शुभकामनाएँ!

Amitraghat ने कहा…

"सुंदर रचना आपको भी महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ पूनमजी । शिवजी एक जनदेवता हैं कृप्या शिवजी की बारात का और दूल्हे के सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में करें हम सबों को अच्छा लगेगा....."
प्रणव सक्सैना amitraghat.blogspot.com

दिगम्बर नासवा ने कहा…

क्या बात है .. आज तो झूम रहा है ब्लॉग शिव स्तुति में ... बहुत अच्छा लिखा ........
आपको महा-शिवरात्रि पर्व की बहुत बहुत बधाई .......

Babli ने कहा…

महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाइयाँ!
बहुत ही सुन्दर शब्दों के साथ आपने बखूबी प्रस्तुत किया है! उम्दा रचना!

KAVITA RAWAT ने कहा…

Achhi prastuti
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें!

Parul ने कहा…

jai bholenath ki !

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
इसे 13.02.10 की चिट्ठा चर्चा (सुबह ०६ बजे) में शामिल किया गया है।
http://chitthacharcha.blogspot.com/

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।

राज भाटिय़ा ने कहा…

पुनम जी आप को भी महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें।

मेनका ने कहा…

bahut hi badhiya likha hai aapne Poonam ji..shivraatri ke awasar par.

BrijmohanShrivastava ने कहा…

हर हर महादेव का नारा लगवा कर सब देवों को पिलबादी ,नाग चंदन बेल धतूरा का चित्रण और विष्णु जी द्वारा शिवरात्रि की घोषंणा करना । आज की रात शंकर जी के नाम गणपति की मां उमा को कुहनी मारना आनन्द दायक लगा । ये जो आपने सात रथों पर सूर्य देव की सवारी बतालाई है मगर मैने शायद कही सुना है कि रथ तो एक ही है मगर उसमे सात घोडे जुते है ।खैर।बाबा का तीसरा नेत्र खोलने का डर अस्वाभाविक नही है क्योंकि ""तब शिव तीसर नयन उघारा ,चितबत काम भयउ जर छारा और हा हा कार भयउ जग भारी""।रचना बहुत अच्छी लगी \ बधाइ

Apanatva ने कहा…

poonam jee sitam par aapke hastakshar nahee hue
abhee tak . Hua na ye kavita par sitam.........:)