2 अक्टूबर को मेरी प्यारी बेटी नेहा शेफ़ाली का जन्म दिवस था।उस दिन मैनें यह कविता लिखी थी । परन्तु नेट की गड़बड़ी के कारण इसे पोस्ट नहीं कर पायी।इसे आज पोस्ट कर रही हूं।

होठों पे हंसी तेरी नजर में खुशी
का समन्दर हरदम लहराता रहे।
दिल में उमंग चेहरे की दमक
देख देख चांद भी शरमाता रहे।
श्रावणी बयार सी तू झूमे सदा
पुरवईया भी देख के लजाती रहे।
यूं गुनगुनाना तेरा खनखनाती हंसी
सुर संगम भी सुन के मचलता रहे।
चांद सूरज सी तू हो सितारों जैसी
जिससे आंगन तेरा झिलमिलाता रहे।
जो है तेरी खुशी वही मेरी खुशी
तेरा जीवन मधुबन सा खिलता रहे।
हो निश्छल सा प्यार मिले ढेरों दुलार
आशीष तुझे देवों का मिलता रहे।
है तेरे लिये मेरी ये ही दुआ
मेरी बेटी जहां भी रहे तू सलामत रहे।
नजर न लगे किसी की तुझे
तुझ पर हमेशा खुदा की इनायत रहे।
हर चाहत हो पूरी सदा ही तेरी
दुआ सबके दिल से निकले तेरे लिये।
****
पूनम

होठों पे हंसी तेरी नजर में खुशी
का समन्दर हरदम लहराता रहे।
दिल में उमंग चेहरे की दमक
देख देख चांद भी शरमाता रहे।
श्रावणी बयार सी तू झूमे सदा
पुरवईया भी देख के लजाती रहे।
यूं गुनगुनाना तेरा खनखनाती हंसी
सुर संगम भी सुन के मचलता रहे।
चांद सूरज सी तू हो सितारों जैसी
जिससे आंगन तेरा झिलमिलाता रहे।
जो है तेरी खुशी वही मेरी खुशी
तेरा जीवन मधुबन सा खिलता रहे।
हो निश्छल सा प्यार मिले ढेरों दुलार
आशीष तुझे देवों का मिलता रहे।
है तेरे लिये मेरी ये ही दुआ
मेरी बेटी जहां भी रहे तू सलामत रहे।
नजर न लगे किसी की तुझे
तुझ पर हमेशा खुदा की इनायत रहे।
हर चाहत हो पूरी सदा ही तेरी
दुआ सबके दिल से निकले तेरे लिये।
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पूनम