रविवार, 26 सितंबर 2010

रेशमी फ़ुहार सरीखी बेटियां


बेटी दिवस के अवसर पर मेरा देश की सभी बेटियों को प्यार भरा स्नेह।

रेशमी फ़ुहार सरीखी बेटियां

ईश्वर की एक अनूठी रचना

हरषातीं मन का हर कोना

जब झूमेंगी तो झूमेंगी ही

प्रकृति स्वरूप हैं हमारी बेटियां।


महकती बयार हमारी बेटियां

सावन का शृंगार बेटियां

बारिश की रेशमी फ़ुहार सरीखी

रखती घर खुशहाल बेटियां।


झिलमिल चांद सितारों सी

रोशन करती नाम देश का

फ़िर क्यों न हम भी गर्व करें

ये ही तो हैं आज की बेटियां।


पहले थीं अभिशाप बेटियां

आज बनी वरदान बेटियां

धरा से लेकर अम्बर तक

उड़ान भरती वही बेटियां।


इन्हें न समझो अब कमजोर

ये हैं क्षमता की अटूट डोर

कर्म क्षेत्र या रण क्षेत्र हो

आज सभी में विजयी बेटियां।


बस थोड़ा सा अधिकार चाहतीं

कदम कदम का मेल मांगती

फ़िर इक दिन आगे बढ़कर

बनती देश की शान बेटियां।


ये हमारी प्यारी प्यारी बेटियां

सारे जग की न्यारी बेटियां

जान से प्यारी होती बेटियां

जीवन का संचार बेटियां।

000

पूनम

40 टिप्‍पणियां:

ashish ने कहा…

अति सुन्दर अभिव्यक्ति , आज की बेटी जीवन के हर सोपान पर श्रेष्ठता का परचम लहरा रही है . आभार आपका इस रचना के लिए.

रचना दीक्षित ने कहा…

पहले थीं अभिशाप बेटियां आज बनी वरदान बेटियां

सच ही कहा है मेरे लिए तो वरदान ही हैं मेरी बेटियां

Poorviya ने कहा…

ये हमारी प्यारी प्यारी बेटियां

सारे जग की न्यारी बेटियां

जान से प्यारी होती बेटियां

जीवन का संचार बेटियां।

sunder rachana

संजय भास्कर ने कहा…

आजकल तो बेटियां ही मां-बाप का ज्यादा खयाल रखती हैं|

डाटर्स डे दिवस की बहुत बधाई....

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत सुन्दर बेटियाँ लगती है बहुत प्यारी

शारदा अरोरा ने कहा…

सुन्दर कविता के साथ डाटर्स डे की बधाइयाँ , और होती हैं माँ की परछाइयाँ बेटियां ।

Apanatva ने कहा…

poonam aaj hee douno betiyo se malmilakar swadesh vapas loutee hoo......tumne to mere bhav hee likh dale..........
hum bahine shayad jyada hee kismat wale the char bahino me ek bhai par baboojee bhabhee (ma ) ke liye koi farak nahee tha .....balki hum jyada pyare the.........
dadee bhee hume jyada pyar kartee thee unka kahna tha hum sub ek din ghar chod jaenge.....sara laad hume par undela jata tha...........
sunder abhivykti...........

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर जी, धन्यवाद

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
काव्यशास्त्र (भाग-3)-काव्य-लक्षण (काव्य की परिभाषा), आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पढिए!

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

बेहतरीन अभिव्यक्तियाँ...लाजवाब प्रस्तुति...बधाई.

__________________________

'शब्द-शिखर' पर बेटियों के प्रति नजरिया बदलने की जरुरत (डाटर्स-डे पर विशेष)

Sunil Kumar ने कहा…

सुंदर रचना बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बेटियों पर बेहतरीन रचना ...शुभकामनायें

Kailash C Sharma ने कहा…

बारिश की रेशमी फ़ुहार सरीखी
रखती घर खुशहाल बेटियां।......

बहुत खुशनसीब होते हैं वह जिनके घर बेटी होती है....बेटी के निश्छल और निस्वार्थ प्यार की तुलना किसी भी प्यार से नहीं की जा सकती....बहुत सुन्दर रचना...आभार...

M VERMA ने कहा…

पहले थीं अभिशाप बेटियां
आज बनी वरदान बेटियां
बेटिया न अभिशाप न वरदान. बेटियाँ तो बेटियाँ हैं.

निर्मला कपिला ने कहा…

डाटर्स डे पर सुन्दर रचना बेटिओं के लिये अच्छा तोहफा है,बहुत सुन्दर लगी कविता। बधाई।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत ही सुंदर, शुभकामनाएं.

रामराम.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बेटियों ने सदैव देश का नाम रोशन किया है, आगे भी करेंगी।

mahendra verma ने कहा…

मुझे तो मां जैसी लगती हैं बेटियां...ममता से परिपूर्ण सुंदर कविता।

दीर्घतमा ने कहा…

आपकी रचना क़ा तो मै इंतजार करता हू बहुत सुन्दर बेटियों क़े बारे में
आज है बरदान बताया -------- बहुत सुन्दर पंक्ति है
एक पंक्ति से असहमत ---
पहले थी अभिशाप बेतिया
बड़े बिनाम्रता क़े साथ छमा मागते हुए दुर्गा,लक्ष्मी,गार्गी और रानी लक्ष्मी बाई जैसी क्रन्तिकारी महिलाये पुरातन भारत की पूज्य और सम्मानित रही है .
सुन्दर कबिता हेतु बहुत-बहुत धन्यवाद

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI ने कहा…

सच है ...बेटियों से घर कुछ अलग ही दिखता है !
कुछ ऐसा जिसे मैं अभिव्यक्त नहीं कर पा रहा हूँ !!

डॉ. हरदीप संधु ने कहा…

बेटियों पर बेहतरीन रचना........
बेटियाँ ...तो सिरजना होती हैं....
माँ सिरजने वाली.....
जिस के हिस्से यह सिरजना नहीं आती उसका जीवना अधूरा ही रह जाता है।

वाणी गीत ने कहा…

सचमुच ऐसी ही होती है हमारी बेटियां ...
इतनी सुन्दर , प्यारी सी कविता के लिए बहुत आभार ....!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

reshmi fuhaar jaisa aapka pyaara khyaal laga ....

Kunwar Kusumesh ने कहा…

बेटी दिवस के अवसर पर आपकी कविता पसंद आई.
सच,बेटियां माँ-बाप का नाम रोशन करती हैं.
सुन्दर और सामयिक रचना के लिए बधाई.

कुँवर कुसुमेश
समय हो तो मेरा ब्लॉग देखें:-kunwarkusumesh.blogspot.com

Shah Nawaz ने कहा…

ये हमारी प्यारी प्यारी बेटियां
सारे जग की न्यारी बेटियां



बहुत खूबसूरत पंकितयां है.

गजेन्द्र सिंह ने कहा…

बहुत खूबसूरती के साथ शब्दों को पिरोया है इन पंक्तिया में आपने .......

पढ़िए और मुस्कुराइए :-
आप ही बताये कैसे पार की जाये नदी ?

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

:)
ati khubsurat.............!!

कविता रावत ने कहा…

पहले थीं अभिशाप बेटियां
आज बनी वरदान बेटियां
धरा से लेकर अम्बर तक
उड़ान भरती वही बेटियां।
........sach mein yah dedhkar behad sukhad ahsas hota hai...
..bahut sundar prastuti.. abhar

सम्वेदना के स्वर ने कहा…

पूनम जी,
बहुत सुंदर..माँ के चरणों में अगर स्वर्ग होता है तो बिटिया की मुस्कुराहट में स्वर्ग की अप्सराएँ नाचती हैं...बहुत अच्छे भाव!!

शरद कोकास ने कहा…

दुनिया की तमाम बेटियों के लिये अद्भुत रचना ।

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

बहुत खुशनसीब होते हैं वह जिनके घर बेटी होती है....अति सुन्दर अभिव्यक्ति.....आभार

BrijmohanShrivastava ने कहा…

प्रक्रति स्वरुप,वारिश की रेशमी फुहार जैसी,देश का नाम रौशन करने वाली ,आज का वरदान जो अम्बर तक उडान भरती है, हर क्षेत्र में विजय प्राप्त करने वाली,देश की शान ,जीवन का संचार और चाहती केवल थोडा सा अधिकार ,एक बहुत सुन्दर चित्रण

Meenu Khare ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Meenu Khare ने कहा…

दुनिया की सारी बेटियों को प्यार और स्नेहाशीष.

---
मीनू खरे

rashmi ravija ने कहा…

इतनी प्यारी कविता और उस पर उतनी ही प्यारी तस्वीर
पर बेटियाँ होती ही हैं ,ऐसी कि सब कुछ निछावर उनपर...रौनक उनसे ही है...

monali ने कहा…

My experience says dat our parents love us a lot bt they nvr trust as they trust their sons... I wish i were a boy n such poems increase my urge... neways...nice poem...

Poorviya ने कहा…

patta aur admi what a composition.
very nice.

माधव ने कहा…

बढ़िया रचना

http://madhavrai.blogspot.com/

दिगम्बर नासवा ने कहा…

महकती बयार हमारी बेटियां
सावन का शृंगार बेटियां
बारिश की रेशमी फ़ुहार सरीखी
रखती घर खुशहाल बेटियां ....

किसी भी परिवार में बेटियों का महत्व सबसे ज़्यादा है .... परिवार को बाँध कर रखने में ... प्यार की महक बस बेटियों से ही आती है जीवन में ... बहुत सुंदर रचना है आपकी ...

Babli ने कहा…

बेटी दिवस पर आपने बहुत सुन्दर प्रस्तुत किया है! तस्वीर भी बहुत प्यारी है! बेटी दिवस की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!