बुधवार, 1 सितंबर 2010

हे कृष्ण

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनायें।

हे कृष्ण

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।

अभ्युत्थानम धर्मस्य तदात्मान सृजाम्यहम॥

परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृतम।

धर्म संस्थापनार्थाय संभवामि युगे युगे ॥

हे कृष्ण!

आज आप

अपने जन्मदिवस की

हार्दिक शुभकामनायें

और बधाई तो स्वीकार करें ही।

परन्तु

मैं पूछना चाहती हूं

आपसे चन्द सवाल

कि जब पूरे देश में

भ्रष्टाचार अनाचार और

गुण्डागर्दी का

खुला ताण्डव हो रहा है।

सत्ता की लालसा में

अपने ही बन्धु बान्धवों को

मार कर

दुर्योधन जैसे लोग

कब तक करते रहेंगे शासन

कब तक होता रहेगा

यूं ही खुले आम

द्रौपदी का चीर हरण

पूरे देश में

साधुजनों का जीवन

दूभर

हो चुका है

चंद रसूखदारों और

खद्दरधारियों के चलते।

तो

ऐसे में सिर्फ़ इतना

बता दीजिये

हे कन्हैया!!!!!!!!!!!!!!!!!!

कब बजेगा आपका पांचजन्य शंख

कब उठेगा आपका सुदर्शन चक्र

दुष्टों का विनाश

और धरती को पाप मुक्त

करने के लिये

कब अवतरित होंगे आप???????

कब?

कब?

आखिर कब?

000

पूनम

31 टिप्‍पणियां:

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

बहुत सुंदर सवाल उठाये हैं आज किसी कृष्ण की ही जरुरत है इस धरती पर.

मनोज कुमार ने कहा…

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
जब संसार प्रचण्‍ड तूफान का रूप धारण कर ले, तब सर्वोत्‍तम आश्रय स्‍थल श्री कृष्ण की गोद ही है।

राज भाटिय़ा ने कहा…

कृष्ण जन्माष्ट्मी की हार्दिक शुभकामनाएं

महफूज़ अली ने कहा…

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

रानीविशाल ने कहा…

सार्थक सवाल पूनम जी .....आपको सपरिवार कृष्ण जन्माष्टमी कि शुभकामनाए !
बड़ा नटखट है रे

जय श्री कृष्णा

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

सवाल सही हैं पर उत्तर... कृष्ण तो हम में से ही कोई बनेगा । जन्माष्टमी की शुभ कामनाएँ ।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपके प्रश्न, उस समय कान्हा के भी प्रश्न थे। उन्होने तो समुचित उत्तर दिये थे।

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

बहुत बढ़िया!
मेरी तरफ से भी सबको
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बधाई और शुभकामनाएँ!

--
मेरा कान्हा, मेरा मीत ... ... .
आज सुना दे मुझको कान्हा ... ... .

Babli ने कहा…

आपको एवं आपके परिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें !

Akshita (Pakhi) ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना...श्री कृष्ण-जन्माष्टमी पर ढेर सारी बधाइयाँ !!

________________________
'पाखी की दुनिया' में आज आज माख्नन चोर श्री कृष्ण आयेंगें...

दीर्घतमा ने कहा…

पहले आपको हार्दिक बधाई ----भगवान से आपकी बेवाक आवाहन समयानुकूल है बहुत अच्छे तरीके से अपनी बात को श्रीकृष्ण तक पहुचने क़ा प्रयत्न किया है हमें लगता है कि यदि ऐसा ही समाज जागे तो निश्चित ही श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी साकार होगी .बहुत--बहुत धन्यवाद.धर्म जागेगा तो भारत अपने-अप जागेगा.

Akanksha~आकांक्षा ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता लिखी आपने.... खूबसूरत अभिव्यक्ति.

श्री कृष्ण-जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

सुन्दर रचना के माध्यम से हर एक के हृदय की बात कह दी..

जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

Shah Nawaz ने कहा…

श्री कृष्ण जन्माष्ठमी की बहुत-बहुत बधाई, ढेरों शुभकामनाएं!

हास्यफुहार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति।
कृष्ण जन्माष्टमी के इस पावन दिवस पर हार्दिक
शुभकामनाएँ!

Udan Tashtari ने कहा…

बढ़िया.

आपको भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत शुभकामनाएँ.

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

आप की रचना 03 सितम्बर, शुक्रवार के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपनी टिप्पणियाँ और सुझाव देकर हमें अनुगृहीत करें.
http://charchamanch.blogspot.com/2010/09/266.html


आभार

अनामिका

अजय कुमार ने कहा…

सार्थक और सामयिक प्रश्न ।

कुमार राधारमण ने कहा…

कृष्ण प्रथम पूर्ण व्यक्ति हैं। किंतु उनका बाल रूप विशेष मनोहारी है।

RAJWANT RAJ ने कहा…

poonam ji
smaj me faili arajkta sdiyo se chli aa rhi hai .bhoutikta vad ne ise our hva de di hai aaj duniya apna swarth sadhne ke liye kisi bhi hd tk chli ja rhi hai our ye bhut hi bhishn sthiti hai .sach , prmatma hi rah dikhaye to dikhaye .

कविता रावत ने कहा…

मैं पूछना चाहती हूं आपसे चन्द सवाल कि जब पूरे देश में भ्रष्टाचार अनाचार और गुण्डागर्दी का खुला ताण्डव हो रहा है। सत्ता की लालसा में अपने ही बन्धु बान्धवों को मार कर दुर्योधन जैसे लोग कब तक करते रहेंगे शासन कब तक होता रहेगा यूं ही खुले आम द्रौपदी का चीर हरण पूरे देश में साधुजनों का जीवन दूभर हो चुका है चंद रसूखदारों और खद्दरधारियों के चलते। तो ऐसे में सिर्फ़ इतना बता दीजिये हे कन्हैया...
...Aaj kupurushon kee jansankhya bahut hi adhik ho gayee hai... kis-kis ko maarne awatar lenge krishna bhagwan.. lekin ek din paapiyon ka ant jarur hota hi hai...
bahut bhavpurn rachna.. samaj mein faile arajakta ko pratibimbit kar kayee sawal uthai see...

आशीष/ ਆਸ਼ੀਸ਼ / ASHISH ने कहा…

जय श्री कृष्ण!
दो टूक सवाल....
मैं भी सवाली!
आशीष

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सार्थक प्रश्नों को उठाया है आपने इस पोस्ट में ...

अरुणेश मिश्र ने कहा…

पूनम जी ! अत्यन्त आवश्यक आह्वान किया आपने अपनी रचना में । समाज की विद्रूपताओं से जनमानस व्यथित है , आपने उसे वाणी दी है ।

Babli ने कहा…

शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

vikram7 ने कहा…

बहुत सुन्दर कविता

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप सभी को श्री कृष्णजन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ !
ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन कृष्ण जन्म सबकी अंतरात्मा में हो मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…




♥ जयश्री कृष्ण ! ♥
_/\_

श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयां और शुभकामनाएं !
✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿✿

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…



दुर्योधन जैसे लोग कब तक करते रहेंगे शासन
कब तक होता रहेगा यूं ही खुले आम द्रौपदी का चीर हरण
पूरे देश में साधुजनों का जीवन दूभर हो चुका है
चंद रसूखदारों और खद्दरधारियों के चलते

वर्तमान परिस्थितियों के संदर्भ में बहुत सुंदर रचना ...
आभार !
साधुवाद

मदन मोहन सक्सेना ने कहा…



बहुत उत्कृष्ट अभिव्यक्ति..श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें!
कभी यहाँ भी पधारें
http://saxenamadanmohan.blogspot.in/
http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/

sushma 'आहुति' ने कहा…

खुबसूरत अभिवयक्ति......श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें......