शुक्रवार, 12 मार्च 2010

गीत जिन्दगी का


जहां को हंसाते हुये, खुद रोते हुए

फ़िर हंसती हुई, पलकें झपकाती हुई

जिन्दगी हूं मै आई,मै आई जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई,मै आई जिन्दगी ।

कुछ गुनगुनाती हुई, बुदबुदाती हुई

थोड़ी-थोड़ी करती शरारती हुई

नन्हीं सी कली सी मै आई जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी।

इठलाती हुई, बलखाती हुई

इतराती हुई ,लहराती हुई

इक बेल सी आगे बढी जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई,मै आई जिन्दगी।

कदम बढाती हुई,ख्वाब देखती हुई

झिलमिलाती हुई,खिलखिलाती हुई

धीरे-धीरे मै आगे बढी जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई,मै आई जिन्दगी।

गैरों को अपना बनाती हुई जिन्दगी

अपनों को गले लगाती हुई

साथ सबका निभाती बढी जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी।

सुख मे हंसती हुई,दुख को सहती हुई

अपने मे हिम्मत बढाती हुई

खुद-ब-खुद आगे चली जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी।

खुद लुटती हुई प्यार बांट्ती हुई

कभी रूठती हुई, कभी मनाती हुई

चुपके से समय गुजारती जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई,मै आई जिन्दगी।

डगमगाती हुई,लड्खडाती हुई

नैइया को पार लगाती हुई

मै पतवार से खेती, गयी जिन्दगी

जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी

जाने किस पल मे सांस लगी टूट्ती

साथ सभी का मैं चली छोडती

फ़ि्र तो बाय- बाय मै करके चली

जिन्दगी मै चली, मै चली जिन्दगी।

ना----ना---ना----ना----ना

सबकी यादों मे,सबके खयालों मे

सबकी सांसो मे,सबकी बातों मे

नये रूपों मे नये बन्धन मे

फ़िर से लौट के मै आई जिन्दग॥

जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी…

पूनम

-----------

28 टिप्‍पणियां:

RaniVishal ने कहा…

Priya Punamji,
Sabase pahale to aapako bahut bahut dhanyawaad aapnane anushka ko apana snehaashish pradaan kiya!
Sampuran jivankram ko anuthe andaaz me batati aapki yah rachana acchi lagi kahin kahi typing mistakes ho gai hai hai shayad jaldi ke karan aap edit kar lijiyega.
bahut sundar....

dipayan ने कहा…

बहुत मासूम और सुन्दर रचना है, एकदम उस चित्र की तरह । ज़िन्दगी का स्वागत हैं ।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

पूनम जी बहुत सुंदर शब्दों में पिरोया है आपने यह भावपूर्ण गीत...जिंदगी के आगमन की बढ़िया रूपरेखा प्रस्तुत किया आपने...सुंदर प्रस्तुतिकरण के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

shikha varshney ने कहा…

मासूम सा खूबसूरत ,भावपूर्ण गीत पूनम जी
शुभकामनाये..

dr.aalok dayaram ने कहा…

बहुत सुन्दर कृति। सरिता की तरह प्रवाहित। शुभकामनाएं!

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बेहतरीन अभिव्यक्ति!!

M VERMA ने कहा…

नन्हीं सी कली सी मै आई जिन्दगी
जिन्दगी हूं मै आई, मै आई जिन्दगी।
जिन्दगी का आगमन ऐसे ही रूपों में होता है
सुन्दर और भावपूर्ण रचना

Sadhana Vaid ने कहा…

सुन्दर भाव और बेहतरीन प्रस्तुति ! बधाई और शुभकामनायें !

Suman ने कहा…

nice

संजय भास्कर ने कहा…

मासूम सा खूबसूरत ,भावपूर्ण गीत पूनम जी
शुभकामनाये..

Amitraghat ने कहा…

"सुन्दर-सा गीत...."
amitraghat.blogspt.com

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जिन्दगी में उसी को गुनगुनाती, लुभाती,
मैं आयी जिन्दगी, मैं आयी जिन्दगी ।

Apanatva ने कहा…

poonamji jindagee ke sabhee pahluo ko ujagar karatee bahut hee pyaree geet rachana..................
ek tazgee aur jindagee kee mahak liye...........
ati sunder

शरद कोकास ने कहा…

एक नई-नवेली ज़िन्दगी के स्वागत में बहुत प्यारी से कविता है यह । काश पूरी ज़िन्दगी ,ज़िन्दगी का यह नयापन बना रह सकता ।

अल्पना वर्मा ने कहा…

कितने सोपानो से उतरी चढ़ी जिंदगी...
एक नयी जिंदगी का स्वागत करती भावपूर्ण कविता.
जिंदगी के बारे में बहुत कुछ कह दिया इस एक कविता में ..बहुत खूब पूनम जी!

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत प्यारी ओर सुंदर सी रचना.
धन्यवाद

रश्मि प्रभा... ने कहा…

zindagi ke khoobsurat chitra....bahut hi masoom aur dil ko lubhate

सतीश सक्सेना ने कहा…

कुछ अलग सा लगा ....सुन्दर रचना के लिए शुभकामनायें !

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

masoom khilkhilaahto se bhari pyari si rachna. badhayi.

Ashish (Ashu) ने कहा…

अति सुन्दर प्रस्तुति.
बहुत सुंदर शव्दो से सजाया है आप ने इस सुंदर कविता को.बहुत सुंदर
धन्यवाद

Babli ने कहा…

मासूमियत से भरी बहुत ही सुन्दर, मीठी, कोमल, नाज़ुक और प्यारी रचना लिखा है आपने ! तस्वीर बहुत ही प्यारी है और साथ में रचना की हर एक पंक्तियाँ भावपूर्ण है!

Parul ने कहा…

sundar geet...!

निर्मला कपिला ने कहा…

सुन्दर रचना के लिये बधाई। आभार

sangeeta swarup ने कहा…

बहुत खूबसूरत गीत...ऐसे ही मुस्कुराती रहे जिंदगी....बधाई

रचना दीक्षित ने कहा…

ज़िन्दगी के हर पहलु को कितनी खूबसूरती से उजागर करती रचना.बेहद खुबसूरत गीत व चित्र बधाई

Shekhar Suman ने कहा…

aah ! dil ko choo gayi aapki rachna....
main bachpan se kavi banna chahta tha lekin ban nahi paya..... abhi engg kar raha hoon, kabhi kabhi likhta hoon....
aapse bahut prerna mili hai......

maine apna blog naya hi shuru kiya hai...
aapse margdarshan ki ummed rakhta hoon.....

बेनामी ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
ज्योति सिंह ने कहा…

jindagi ka aaranbh ke saath saath har mod khoobsurat laga ,sundar