मंगलवार, 30 दिसंबर 2008

उजाला

सुस्वागतम 2009

नव वर्ष की हार्दिक ………
…………मंगल कामनाओ के साथ ।

मन के अंधेरों में ही कहीं
छिपा होता है उजाला
अंधेरे से बाहर आने के लिए
लड़ते निरंतर लड़ते छट्पटाते।

बेचैन लेकिन कभी कभी
अँधेरा भी हो जाता है जबरदस्त
उजाले की कोशिश भी एकबारगी
हो जाती है पस्त।

फ़िर भी वह कोशिश का
दामन नहीं छोड़ता
निरंतर रहता है प्रयासरत
की कभी तो वो दिन आयेगा।

जब अंधकार को चीरकर
उजाला अपनी रोशनी को
फैलाएगा चारों ओर
सारी बाधाओं को अपने में समेटे हुए
एक विजेता की तरह।
………….
पूनम

9 टिप्‍पणियां:

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

aapki kavita bahut sundar hai , aur jeevan ko jeene ka sabak deti hai ..

जब अंधकार को चीरकर
उजाला अपनी रोशनी को
फैलाएगा चारों ओर
सारी बाधाओं को अपने में समेटे हुए
एक विजेता की तरह।

aapko bahut badhai ..


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thanks & Regards,

Vijay

रश्मि प्रभा ने कहा…

सकारात्मक सोच लिए , नूतन ख्यालों से परिपूर्ण ,
नए वर्ष का स्वागत किया है........हमारी भी शुभकामना यही है

विनय ने कहा…

नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ, यह आपके लिए सुख व समृद्धि लाये। शुभ वर्ष 2009!

HEY PRABHU YEH TERA PATH ने कहा…

हे प्रभु यह तेरापथ के परिवार कि ओर से नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये। नव वर्ष आपके लिये खुब सारी खुशियॉ लेकर आये मेरी यही मगलकामना है। नमस्कार.....

कल जहॉ थे वहॉ से कुछ आगे बढे,
अतीत को ही नही भविष्य को भी पढे,
गढा है हमारे धर्म गुरुओ ने सुनहरा इतिहास ,
आओ हम उससे आगे का इतिहास गढे।

HEY PRABHU YEH TERA PATH
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sandhyagupta ने कहा…

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !!

Dr.Bhawna ने कहा…

आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं ...

अविनाश ने कहा…

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

bhoothnath ने कहा…

मन के अंधेरों में ही कहीं

छिपा होता है उजाला
अंधेरे से बाहर आने के लिए
लड़ते निरंतर लड़ते छट्पटाते।

sangeeta ने कहा…

poonam ,

sakaaratmak soch ke saath nav varsh ke aagman par sundar kavita,
badhai