शनिवार, 3 जनवरी 2009

हिम्मत


हिम्मत न हारिये कोशिश तो कीजिये
सफलता आपके कदम चूम लेगी।

हर को जीत में बदल के दिखाइए
राहें आपकी ख़ुद ही बदल जायेंगी।

जिंदगी को जीने का पैमाना तो बनाइये
खुशियाँ तो ख़ुद ही छलक पड़ेंगी।

इन कन्धों को दूजों का सहारा तो बनाइये
अपना सहारा ये आप ही बनेगी।

गिरते हुओं को उठा के तो देखिये
दुआएं इनकी आपको सलामत रखेंगी।

दूसरों के दुखों को बाँट के तो देखिये
ये आपके ही गम को हलका करेंगी।

कदम से कदम मिला के तो देखिये
हर मंजिल आपको करीब ही लगेगी।

जिंदगी के हर लम्हे को सकून से बिताइए
ये जिंदगी भी आपको अजीज लगेगी।
************
पूनम

7 टिप्‍पणियां:

रश्मि प्रभा ने कहा…

जिंदगी के हर लम्हे को सकून से बिताइए
ये जिंदगी भी आपको अजीज लगेगी।.....
nihsandeh

creativekona ने कहा…

Bhai vah..Poonam ji,
Apne bahut hee sundar kavita likhi hai.Hamen apne jeevan men kisi bhee museebat men himmat naheen harna chahiye.Badhai.
Hemant Kumar

मोहन वशिष्‍ठ ने कहा…

अरे वाह जी पूनम जी आप तो सभी को एक राह दिखा रहे हैं लगे हाथ हम भी अपना एक शेर अर्ज करते हैं कि

कौन कहता हैं कि आसमां में छेद नहीं हो सकता
एक पत्‍थर तो तबियत से उछालो यारों

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

वाह.. वाह... अच्छी रचना के लिये बधाई स्वीकारें.

dr. ashok priyaranjan ने कहा…

कम शब्दों में संवेदना को व्यापक िवस्तार िदया है आपने । कथ्य और शिल्प की दृष्टि से बहुत प्रभावशाली रचना है । मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है - आत्विश्वास के सहारे जीतंे जिंदगी की जंग-समय हो तो पढें और कमेंट भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

ठीक कहा - हम भी आपकी सलाह अपनाकर देखते हैं!

sangeeta ने कहा…

bahut sundar abhivyakti.

जिंदगी के हर लम्हे को सकून से बिताइए
ये जिंदगी भी आपको अजीज लगेगी।.....

achchhi soch ke liye badhai