पापा
जी ऐसी कुर्ती ला दो
जिसमें
कलफ़ लगी कालर हो
झिलमिल
झिलमिल तारों वाली
लटकी
उसमें झालर हो।
पहन
के कुर्ती को जब
मैं
निकलूंगा घर से बाहर
देख
के मुझको लोग कहेंगे
लगता
प्यारा है राजकुवंर।
बैठूंगा
मै फ़िर घोड़ी पर
साथ चलेंगे
बाजे गाजे
परी
लाऊंगा परी लोक से
जो हो सुन्दर सबसे ज्यादा।।
पापा
ऐसी कुर्ती ला दो-----------।
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पूनम
श्रीवास्तव

