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शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2010

अन्जाना डर


मां ने लाडले को बतलाया

बड़े जतन से समझाया

बेटा सीधे रास्ते स्कूल जाना

कहीं पर भी न रुकना

स्कूल से सीधे घर आना

किसी अन्जान के साथ

कहीं न जाना

मासूम ने मासूमियत से कहा अच्छा।

बच्चा दिन ढलने पर घर न आया

मां का आशंकित मन घबराया

वह पागलों सी दौड़ी

स्कूल की तरफ़ बढ़ी

दरबान भुनभुनाया

वो तो किसी के साथ गया

कह कर छुटकारा पाया।

किसी ने बतलाया

कहीं कोई लड़का मिला है

शायद बेहोश पड़ा है

विह्वल होकर मां ने बेटे को झकझोरा

कहा था न

किसी अनजान के साथ न जाना

बच्चे ने टूटे फ़ूटे शब्दों में

सिर्फ़ इतना ही कहा मां---

पर वो तो पड़ोस के च-----च्चा थे।

000

पूनम