जिसे तुम खोज रहे हो
वो मिला नहीं
अब तक शायद
वक्त आगे निकल गया
और फ़िर तुम पीछे रह गये
तुम वक्त का इन्तजार
कर रहे थे
पर वक्त किसी का
इन्तजार नहीं करता
वो निरन्तर हर पल
आगे ही आगे चलता
रहता है।
लाख वक्त को पकड़ने
की कोशिश कर लें
पर वो तो यूं फ़िसल जाता है
हथेली से ज्यूं
बंद मुट्ठी से रेत।
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पूनम श्रीवास्तव
