“नववर्ष के नव प्रभात में याद सभी की आई
शब्द शब्द बन हृदय हमारा देता सभी को बधाई।”
आप सभी पाठकों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें। नये साल का पहला दिन तो मेरे
परिवार के लिये दोहरी खुशी लेकर आता है।क्योंकि 1 जनवरी को मेरी छोटी बेटी नित्या
शेफ़ाली का जन्मदिन भी है। आप सभी के स्नेह एव आशीर्वचनों से उसका भविष्य उज्ज्वल बने इसी आकांक्षा के साथ आप सभी पाठकों को नववर्ष की पुनः बधाई।
पहले कुछ पंक्तियां प्यारी बेटी नित्या को-------
नव वर्ष के शुभ प्रभात में
नव जीवन अपनाना तुम
जिस बगिया की फ़ूल हो
उस बगिया को महकाना तुम।
झुक झुक कर चूमती रहें
खुशियां तेरे कदम
गलती से भी न आयें कभी
तेरी जिन्दगी में गम।
000
अब आप सभी के लिये नव वर्ष के शुभ अवसर पर -------
शब्द शब्द बन हृदय हमारा देता सभी को बधाई।”
आप सभी पाठकों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें। नये साल का पहला दिन तो मेरे
परिवार के लिये दोहरी खुशी लेकर आता है।क्योंकि 1 जनवरी को मेरी छोटी बेटी नित्या
शेफ़ाली का जन्मदिन भी है। आप सभी के स्नेह एव आशीर्वचनों से उसका भविष्य उज्ज्वल बने इसी आकांक्षा के साथ आप सभी पाठकों को नववर्ष की पुनः बधाई।
पहले कुछ पंक्तियां प्यारी बेटी नित्या को-------
नव वर्ष के शुभ प्रभात मेंनव जीवन अपनाना तुम
जिस बगिया की फ़ूल हो
उस बगिया को महकाना तुम।
झुक झुक कर चूमती रहें
खुशियां तेरे कदम
गलती से भी न आयें कभी
तेरी जिन्दगी में गम।
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अब आप सभी के लिये नव वर्ष के शुभ अवसर पर -------
नया वर्ष है आया
नया पैगाम है लाया
आयेंगी बहारें जीवन में स
संग सन्देशा ले आया।
दिसि दिसि छाये खुशहाली
बासन्ती रंग दिखे चहुं ओर
खेतों में खिले फ़िर पीली सरसों
ज्यूं दूल्हन मुस्काये चुनरिया ओढ़।
वन वन बोले चातक मोर
बोले पपिहा पिहू पिहू
जंगल में भी मंगल हो
कोयल गाये फ़िर कुहू कुहू।
बहे नदिया फ़िर कल कल करती
इठलाये अपनी चाल पर
रात और दिन फ़िर मेले लगें
नदी किनारे घाट पर।
बीती रात अमावस की
हर रात अब पूरनमासी हो
हर पल खुशी के दीप जलें
हर दिन फ़ागुन महीना हो।
जो था वक्त बुरा वो बीत गया
फ़िर ना आये वैसा दौर
नव वर्ष में नव संकल्प लें
फ़िर कदम बढ़ायें नव पथ की ओर।
000
पूनम