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मंगलवार, 30 मार्च 2010

भोर की सुगबुगाहट


भोर की सुगबुगाहट

होती है शुरू

हल्के से उजाले के साथ

चिड़ियों की चूं चूं

कुछ अलसायी कुछ अधखुली आंखें

बाथरूम में तेज पानी की धार

हर हर की आवाज।

कहीं पर सूर्य देव को अर्ध्य

हरी ओम का जाप

घण्टे की आवाज

नमाज की अजान।

कहीं किचन में खटपट खटपट

कहीं तेजी से चलते हाथ

बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी

बिस्तर पर आराम फ़र्माते साहब

गरम चाय की चुस्की

अखबार की हेडलाइन।

अधूरी नींद में

बिना मुंह धोये

गोदी में बच्चे उठाये

तेज तेज कदमों से काम पर

पहुंचने की कोशिश करती

कुछ स्मार्ट कुछ भदभद

औरतें

पीठ पर बोरे लादे

सड़क नापने की

कोशिश करते बच्चे।

सभी की भोर

अलग अलग भोर

हां यही तो है

भोर की सुगबुगाहट।

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पूनम