होली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
होली लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 28 फ़रवरी 2010

फ़ागुन रीता जाये ना


दिन फ़ागुनी रंग बासन्ती

मौसम भीना भीना सा

इंतजार तेरा करते करते

बीते सावन का महीना ना॥

मौसम ने ली है अंगड़ाई

अब तो प्रियतम आ जाना

तेरे बिन हर पल अब तो

मेरे जी को भाये ना।…

संग सहेलियां इतराती

हौले हौले फ़ागुन गा्यें ना

हंसी ठिठोली मुझसे करतीं

जो मेरे जी को जलायें ना॥

रिमझिम बारिश की फ़ुहारें

अब तो अच्छी लागें ना

लगता जैसे वो हसीं उड़ातीं मेरी

दिल मे तीर सी चु्भोयें ना।

बीत गया सावन का महीना

बीती पिछली दिवाली ना

कहे मेरा दिल रो रो करके

अब के फ़ागुन में आना ना॥

---------

पूनम

बुधवार, 11 मार्च 2009

आया देखो फागुन री


आया देखो फागुन री
मन सबका भटकाए री
लहर लहर बरसे रंग अंगना
सारी देह भिजो डारी।


रंग दे सखि इक ऐसे रंग में
जीवन भर ना छूटे री
रंग होरी के कच्चे सारे
पर पी का संग ना छूटे री ।

आज पिया बन कृष्ण कन्हैया
रंग देंगे जो तन मन सारा
मैं राधा बन रास रचाॐ
कंत के संग रंग जाऊं री।


बाकी रंग तो कच्चे सारे
मन का रंग ही पक्का री
इस रंग में रंग दे जो हमको
सखि ऐसा गीत सुना जा री।
********
सभी पाठकों को होली की शुभकामनाएँ
पूनम